13 July 2016

Muskaan

पाँच तत्व की इस दुनिया में
महत्व सिर्फ उसकी हँसी का था

इत्र लगाने से तो सिर्फ कपडे महकते थे
मेरा 'मोहित' होना तो उसकी खुशी से था

वो खुश हो तो दिन मेरा अच्छा बन जाता था
नाराज़ हो तो मेरे चेहरे का भी रंग उत्तर जाता था



पर आज उसकी वो हँसी कही गुम थी
आज मेरी वजह से उसकी आँखें नम थी
नाराज़गी नहीं, शायद मेरी साँसे कम थी

शोर करती हस्पताल की उस मशीन को क्या पता
दिल की धड़कन तो उसकी मुस्कराहट से बढ़ती है

इंजेक्शन में दवा बरते उस डॉक्टर को क्या पता
जीने की दुआ तो उसकी मुस्कान से मिलती है

दौडते हुए आसुओ को समजा दो
जिंदगी तो उनकी खुशी से चलती है

आँखों को बंद करते उस हाथ रोक लो
उसकी मुस्कान को आखरी बार देखना बाकी है

अब लगता है भगवन के पास जाने का समय गया है
दुनिया को अलविदा कहना का समय गया है
खुदा से उसकी मुस्कान वापस मागने का समय गया है

चलता हूं

अलविदा

3 comments:

  1. Bhai bhai tumne toh emotional kar diya 😭

    ReplyDelete
  2. Amazing..... Great poem..... Loved it....

    ReplyDelete

13 July 2016

Muskaan

पाँच तत्व की इस दुनिया में
महत्व सिर्फ उसकी हँसी का था

इत्र लगाने से तो सिर्फ कपडे महकते थे
मेरा 'मोहित' होना तो उसकी खुशी से था

वो खुश हो तो दिन मेरा अच्छा बन जाता था
नाराज़ हो तो मेरे चेहरे का भी रंग उत्तर जाता था



पर आज उसकी वो हँसी कही गुम थी
आज मेरी वजह से उसकी आँखें नम थी
नाराज़गी नहीं, शायद मेरी साँसे कम थी

शोर करती हस्पताल की उस मशीन को क्या पता
दिल की धड़कन तो उसकी मुस्कराहट से बढ़ती है

इंजेक्शन में दवा बरते उस डॉक्टर को क्या पता
जीने की दुआ तो उसकी मुस्कान से मिलती है

दौडते हुए आसुओ को समजा दो
जिंदगी तो उनकी खुशी से चलती है

आँखों को बंद करते उस हाथ रोक लो
उसकी मुस्कान को आखरी बार देखना बाकी है

अब लगता है भगवन के पास जाने का समय गया है
दुनिया को अलविदा कहना का समय गया है
खुदा से उसकी मुस्कान वापस मागने का समय गया है

चलता हूं

अलविदा

3 comments:

  1. Bhai bhai tumne toh emotional kar diya 😭

    ReplyDelete
  2. Amazing..... Great poem..... Loved it....

    ReplyDelete

LinkWithin

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...